11 माह पुराने ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा।

11 माह पुराने ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा। 

दैनिक मधुर इंडिया संवाददाता मोनू शर्मा दतिया 




दतिया । दतिया पुलिस ने 11 माह पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी। उदयभान सिंह बुंदेला हत्याकांड में मृतक का बेटा नितिन बुंदेला और ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेंद्र सिंह बुंदेला ही हत्यारे निकले। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बेटे की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, मृतक की हड्डियां, खाट, कपड़े और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एसपी मयूर खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे हत्याकांड का खुलासा किया। इस दौरान एएसपी मंजीत सिंह चावला, एसडीओपी विनायक शुक्ला और थाना प्रभारी दिनेश राजपूत भी मौजूद रहे।
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तहसीलदार के नोटिस को ठेंगा: स्टे ऑर्डर के बाद भी दतिया में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण कार्य दतिया*।

*तहसीलदार के नोटिस को ठेंगा: स्टे ऑर्डर के बाद भी दतिया में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण कार्य दतिया*। 

दैनिक मधुर इंडिया संवाददाता मोनू शर्मा दतिया 




जिला प्रशासन और राजस्व न्यायालय के आदेशों को ठेंगा दिखाकर नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दतिया जिले में तहसीलदार द्वारा काम रोकने (स्टे ऑर्डर) का नोटिस जारी किए जाने के बाद भी दबंगों द्वारा मौके पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी रखा गया है। कोर्ट के आदेश की सरेआम अवहेलना होने से प्रशासनिक साख पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।नोटिस की अनदेखी, बेखौफ जारी है कामसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विवादित भूमि पर मालिकाना हक और अतिक्रमण को लेकर तहसीलदार न्यायालय में मामला लंबित था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने दोनों पक्षों को यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने और काम तुरंत रोकने का लिखित नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद, विपक्षी दल ने कानून को ताक पर रखकर रात-दिन काम चालू रखा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पटवारी और स्थानीय प्रशासन को सूचित करने के बाद भी अब तक मौके पर काम रुकवाने के लिए कोई कड़ा एक्शन नहीं लिया गया है।ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष में आक्रोशप्रशासन की इस सुस्ती से पीड़ित पक्ष और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जब राजस्व न्यायालय के आदेशों की ही कोई अहमियत नहीं रह गई है, तो आम आदमी न्याय के लिए कहां जाए? इस मामले में अब पीड़ित पक्ष द्वारा जिले के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सीधे कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की जा रही है।क्या कहते हैं नियम?कानूनी जानकारों के अनुसार, मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता (MPLRC) के तहत राजस्व न्यायालय के आदेश या नोटिस की अवहेलना करना सीधे तौर पर अदालत की अवमानना (Contempt) के दायरे में आता है। ऐसे मामलों में दोषी व्यक्ति के खिलाफ धारा 248 के तहत भारी जुर्माना लगाने, पुलिस बल के सहयोग से निर्माण कार्य ध्वस्त करने और कारावास तक की कार्रवाई का प्रावधान है। अब देखना यह होगा कि दतिया का जिला प्रशासन इस खुले उल्लंघन पर कितनी जल्दी और कितनी सख्त कार्रवाई करता है।
तहसीलदार के नोटिस को ठेंगा: स्टे ऑर्डर के बाद भी दतिया में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण कार्य दतिया*। तहसीलदार के नोटिस को ठेंगा: स्टे ऑर्डर के बाद भी दतिया में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण कार्य दतिया*। Reviewed by dainik madhur india on 7:30 AM Rating: 5

दतिया: बिछौदना अस्पताल पर ताला लगा भाग रहे अधिकारी,*

*दतिया: बिछौदना अस्पताल पर ताला लगा भाग रहे अधिकारी,*।

दैनिक मधुर इंडिया संवाददाता मोनू शर्मा दतिया।




 बेहाल हो रहे मरीज, क्या जिम्मेदार जागेंगे?भांडेर (दतिया)।
*मध्य प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है।*
 ताजा मामला दतिया जिले के भांडेर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले बिछौदना अस्पताल से सामने आया है, जहाँ स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही देखने को मिल रही है। अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी के समय पर ताला लगाकर गायब हो जाते हैं, जिसके कारण दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। *दैनिक मधुर इंडिया की पड़ताल में खुली पोलआज 'दैनिक मधुर इंडिया' की टीम जब बिछौदना अस्पताल की जमीनी हकीकत जानने ग्राउंड जीरो पर पहुँची*, तो वहाँ का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। अस्पताल के मुख्य गेट पर बड़ा सा ताला लटका हुआ मिला। अस्पताल परिसर में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई अन्य स्वास्थ्य कर्मी। मौके पर कई मरीज और उनके परिजन अस्पताल खुलने का इंतजार करते नजर आए, जो इलाज के अभाव में परेशान हो रहे थे। *मरीजों की जान से खिलवाड़स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति केवल आज की नहीं है*। अस्पताल अक्सर समय से पहले बंद हो जाता है या फिर खुलता ही नहीं है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को कई किलोमीटर दूर भांडेर या जिला अस्पताल रेफर होना पड़ता है, जिससे कई बार मरीजों की जान पर बन आती है।क्या दतिया के जिम्मेदार अधिकारी देंगे ध्यान? *सरकारी पैसे से वेतन पाने वाले इन अधिकारियों की इस मनमानी पर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।* जनता अब जिला प्रशासन और दतिया के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से सवाल पूछ रही है कि आखिर इन लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई कब होगी? क्या जिम्मेदार इस ओर ध्यान देकर बिछौदना अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करेंगे, या ग्रामीण ऐसे ही राम भरोसे छोड़ दिए जाएंगे?
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दतिया मेडिकल कॉलेज: ओपीडी से नदारद रहते हैं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज त्यागी, दूर-दराज से आए मरीज बेहालदतिया।*

*दतिया मेडिकल कॉलेज: ओपीडी से नदारद रहते हैं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज त्यागी, दूर-दराज से आए मरीज बेहालदतिया।*

दैनिक मधुर इंडिया संवाददाता मोनू शर्मा दतिया।




 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिटेक कॉलेज) दतिया के नेत्र रोग विभाग में इन दिनों अव्यवस्थाओं का आलम है। विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनोज त्यागी के समय पर ओपीडी (ऑफिस) न पहुंचने के कारण रोजाना सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों से आए बुजुर्ग और दृष्टिबाधित मरीज घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
*सुबह से लगती हैं कतारें,* डॉक्टर का अता-पता नहींप्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी का समय सुबह 9:00 बजे से निर्धारित है। आँख की गंभीर बीमारियों, मोतियाबिंद के ऑपरेशन और रूटीन चेकअप के लिए मरीज सुबह 7:00 बजे से ही पर्चा कटवाकर कतारों में खड़े हो जाते हैं। 




आरोप है कि नेत्र रोग विभाग के जिम्मेदार डॉक्टर मनोज त्यागी अपने निर्धारित समय पर ओपीडी नहीं पहुंच रहे हैं। दोपहर तक डॉक्टरों की कुर्सी खाली रहने के कारण मरीजों का धैर्य जवाब दे जाता है।  *जनता में भारी आक्रोश*, प्रशासन मौनदूर-दराज के गांवों से किराया लगाकर आने वाले गरीब मरीजों का कहना है कि वे सुबह से भूखे-प्यासे डॉक्टर का इंतजार करते हैं, लेकिन दोपहर बाद उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ता है। जनता का आरोप है कि स्थानीय प्रबंधन को इस लापरवाही की पूरी जानकारी है, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। अस्पताल परिसर में हर दिन डॉक्टरों की इस लेटलतीफी को लेकर तीखी बहस और हंगामा देखने को मिल रहा है। *जिम्मेदार अधिकारियों से उठाई मांगस्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने*
 दतिया जिला कलेक्टर और मेडिकल कॉलेज के डीन (Dean) से मांग की है कि डॉक्टरों की बायोमेट्रिक उपस्थिति और ओपीडी के समय की औचक जांच की जाए। सरकारी वेतन लेने के बावजूद आम जनता को परेशान करने वाले ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ तत्काल सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ गरीब जनता को समय पर मिल सके।
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सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के साथ की गई राहगीर योजना की समीक्षा

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के साथ की गई राहगीर योजना की समीक्षा 

दैनिक मधुर इंडिया अजय मिश्रा




सीतापुर जिलाधिकारी डा.राजा गणपति आर. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई,जिसमें जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुचारु बनाने तथा सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
  बैठक में जिलाधिकारी ने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने सड़क संकेतक, स्पीड ब्रेकर,रिफ्लेक्टर एवं चेतावनी बोर्ड लगाने,यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिला अधिकारी द्वारा राहगीर योजना की भी समीक्षा की,जिसमें सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनका जीवन बचाने वाले मददगार नागरिकों को योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन दिए जाने की जानकारी दी गई। सभी सम्बन्धित विभागों को राहगीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए ताकि दुर्घटना के घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसके अतिरिक्त सम्बन्धित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी लाने तथा समयबद्ध रूप से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 
बैठक में अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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दतिया पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर: जनसुनवाई में SP के हस्तक्षेप के बाद हटेगा निर्दोष छात्र का नाम,*

*दतिया पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर: जनसुनवाई में SP के हस्तक्षेप के बाद हटेगा निर्दोष छात्र का नाम,* 

दैनिक मधुर इंडिया संवाददाता मोनू शर्मा दतिया।




धोखाधड़ी करने वाला वाहन विक्रेता बनेगा आरोपीदतिया। जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है। पुलिस चेकिंग के दौरान डरकर एक युवक द्वारा दिए गए गलत बयान के आधार पर पुलिस ने ग्वालियर में रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे एक निर्दोष छात्र को आरोपी बना दिया। मंगलवार को जब पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष पुख्ता दस्तावेजी सबूत पेश किए, *तब जाकर सच सामने आया*। 




SP ने तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी को निर्दोष का नाम हटाने और धोखाधड़ी करने वाले असली विक्रेता के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।क्या है पूरा मामला?प्राप्त जानकारी के अनुसार, मलियापुरा (हाल निवासी गामा अखाड़ा के पास, दतिया) के निवासी ब्रजमोहन शर्मा ने बीते 17 जनवरी 2024 को झांसी निवासी लक्ष्मीनारायण कुशवाहा से एक बुलेट मोटरसाइकिल 1 लाख रुपये में खरीदी थी। 



इस सौदे का बाकायदा 1000 रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट हुआ था और पारदर्शिता के लिए वीडियो भी बनाया गया था। लक्ष्मीनारायण ने गाड़ी नाम ट्रांसफर होने तक ब्रजमोहन को सुरक्षा के तौर पर 1 लाख रुपये का चेक भी दिया था।चेकिंग के दौरान घबराहट में बदला बयानब्रजमोहन शर्मा ने इस गाड़ी को करीब 19 महीने चलाने के बाद दतिया की ही हीरा नगर कॉलोनी के निवासी सौरभ सेन को 70,000 रुपये में बेच दिया। बीते 23 जून की रात पुलिस चेकिंग के दौरान सौरभ सेन से जब गाड़ी के कागजात मांगे गए, तो वह पेश नहीं कर पाया।




 पुलिस पूछताछ से भयभीत होकर सौरभ ने हड़बड़ाहट में पुलिस को कह दिया कि उसने यह गाड़ी 'मुकुल' नाम के युवक से खरीदी है, जबकि असल विक्रेता ब्रजमोहन शर्मा थे। *पुलिस ने भी बिना किसी जांच-पड़ताल और तस्दीक के, महज शक के आधार पर मुकुल का नाम मेमोरेंडम में जोड़कर उसे आरोपी बना दिया।* ग्वालियर में रहकर पढ़ाई कर रहा है निर्दोष मुकुलहैरानी की बात यह है कि जिस मुकुल को पुलिस ने इस मामले में घसीटा, उसका इस गाड़ी या सौदे से कोई लेना-देना ही नहीं है। मुकुल वर्तमान में ग्वालियर में रहकर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है और घटना के दौरान भी वहीं मौजूद था।SP की जनसुनवाई में हुआ न्याय, टीआई को मिले निर्देशमामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ब्रजमोहन शर्मा सारे असली कागजात, स्टांप एग्रीमेंट, चेक और सौदे का वीडियो लेकर SP साहब की जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने सारे दस्तावेज अधिकारियों के समक्ष पेश कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की।दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद पुलिस अधीक्षक ने माना कि ब्रजमोहन शर्मा ने सद्भावनापूर्वक गाड़ी खरीदी थी और उनका या मुकुल का किसी भी प्रकार की चोरी या अपराध से कोई संबंध नहीं है। *SP साहब ने मौके से ही संबंधित थाना प्रभारी (TI) को सख्त निर्देश दिए कि निर्दोष छात्र मुकुल का नाम तत्काल केस से पृथक किया जाए और मुख्य आरोपी लक्ष्मीनारायण कुशवाहा*, जिसने चोरी या संदेहास्पद वाहन बेचकर ब्रजमोहन के साथ 1 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
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तेरह करोड़ इकतालिस लाख की लागत से बनेगा किवानी नदी पर पुल

तेरह करोड़ इकतालिस लाख की लागत से बनेगा किवानी नदी पर पुल

दैनिक मधुर इंडिया अजय मिश्रा




उत्तर प्रदेश पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने हवन पूजन के साथ किया पुल का शिलान्यास

सीतापुर सकरन क्षेत्र की किवानी नदी के बाढ़ प्रभावित गांव बेलवा बसैहा के निवासियों के लिए आज का दिन उनके लिए एक बहुत बड़ी खुशी लाया।नदी पर पुल बनाए जाने की उनकी बहु प्रतीक्षित मांग आज धरातल पर उतर रही है।निवर्तमान सांसद और उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा और क्षेत्रीय विधायक निर्मल वर्मा आज उनके लिए पुल की सौगात को लेकर उनके बीच मौजूद  रहे।
  हजारों की संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच किवानी नदी के तट पर हवन पूजन के साथ निवर्तमान सांसद और पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष राजेश वर्मा और क्षेत्रीय विधायक निर्मल वर्मा ने नींव पूजन करते हुए पुल निर्माण का काम शुरू कराया।
  ग्रामीणों ने करतल ध्वनि और हर्षोल्लास के साथ पुल निर्माण के कार्य का स्वागत किया। राजेश वर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार जिसका लक्ष्य ही आम जनता तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।इसी उद्देश्य के साथ ग्रामीणों को पुल की सौगात मिल रही है।सेतु निगम द्वारा दो साल में बनने वाला यह पुल उनके विशेष प्रयास से एक साल में बनकर तैयार हो जायेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के तमाम रास्तों पर डामरी कृत सड़कों का निर्माण कराया गया है।पुरानी सड़कों की मरम्मत और चौड़ीकरण का काम भी तेजी के साथ हो रहा है।गरीब परिवारों को मुख्य मंत्री व प्रधानमंत्री योजना से पक्के मकान दिए जा रहे हैं। वहीं सरकार की तमाम जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से आम जन तक पहुंचाया जा रहा है। 
  उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह करते हुए कहा कि लखनऊ से सीतापुर होते हुए सहारन पुर तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेन की एक बार जरूर यात्रा करें। यह सीतापुर वासियों के लिए उनके प्रयास से चलवाई गई है।
 विधायक निर्मल वर्मा ने कहा कि बेलवा बसैहा में बहु प्रतीक्षित किवानी नदी के घाट पर पुल निर्माण से आधा सैकड़ा गांवों के ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की डबल इंजन की सरकार में पूरे क्षेत्र में आमजन के हित से जुड़े तमाम विकास कार्य कराये जा रहे हैं।
  उन्होंने यह भी कहा कि बिसवां में फ्लाई ओवर का निर्माण तेजी से पूरा कराया जा रहा है। जिससे बिसवां की सड़कों पर लगने वाली जाम की समस्या से जल्दी ही राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र की सड़कों की गुणवत्ता पूर्ण तरीके से मरम्मत व चौड़ीकरण का काम भी प्राथमिकता के साथ कराया जा रहा है। जिससे क्षेत्र वासियों को आवागमन में सुगमता होगी।
  इस अवसर पर मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी के नेता कृपा शंकर वर्मा डायरेक्टर भूमि विकास बैंक लखनऊ मंडल,सुनील वर्मा, राम कुमार वर्मा,गुड्डू वर्मा, राहुल सिंह,प्रधान संघ अध्यक्ष सुंदरलालतिवारी भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज सिंह,चंद्रभाल चौरसिया, माधवराव बाजपेई,अशोक कुमार, राम किशोर,रामप्रसाद शर्मा रवि कुमार,पूर्व ब्लाक प्रमुख रामचंद्र गौड़,सुशील बाजपेई, बृजेश सिंह,मुन्ना रस्तोगी शिवकुमार गुप्त,गिरजेश गुप्त आदि के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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