300 वर्षों के बाद तर्क और विज्ञान का आधार पर स्थापित है पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया : प्रो० श्रीनिवास वरखेड़ी*


*300 वर्षों के बाद तर्क और विज्ञान का आधार पर स्थापित है पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया : प्रो० श्रीनिवास वरखेड़ी*




बिलासपुर, — पाणिनीय शोध संस्थान के सभागार में आज "पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया का विश्वपरिचय एवं विद्वत्सम्मान" विषयक परिचर्चा का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। प्रातः 10:30 बजे आरम्भ हुए इस कार्यक्रम ने संस्कृत जगत के विद्वानों, छात्रों और संस्कृति प्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक बटुकों के मंत्रोच्चारण और माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मंगलाचरण की पवित्र ध्वनि ने वातावरण को आध्यात्मिकता से परिपूर्ण कर दिया। 




संस्थान की अध्यक्षा प्रो० पुष्पा दीक्षित ने वाचिक स्वागत करते हुए अतिथियों का अभिनन्दन किया। इसके पश्चात् मुख्य अतिथि प्रो० श्रीनिवास वरखेड़ी (कुलपति, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली), सारस्वत आतिथि प्रो० राधावल्लभ त्रिपाठी (पूर्व कुलपति, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय) तथा संरक्षक एवं विशिष्ट अतिथि श्री अमर अग्रवाल (वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मन्त्री, छत्तीसगढ़ शासन) का पुष्पगुच्छ एवं अभिनन्दन पत्र भेंट कर सम्मान किया गया। इसके बाद प्रो० पुष्पा दीक्षित ने विषय प्रवर्तन करते हुए पाणिनिप्रक्रिया की वैश्विक प्रासंगिकता पर विस्तृत विचार रखे।




 उन्होंने बताया कि पाणिनि का व्याकरण आधुनिक भाषाविज्ञान और कम्प्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स तक में उपयोगी है।
प्रो० ब्रजभूषण ओझा (वाराणसी) और प्रो० विष्णुकान्त पाण्डेय (जयपुर) को पण्डितराज विद्वत्सम्मान से अलंकृत किया गया। इसके बाद प्रो० राधावल्लभ त्रिपाठी द्वारा रचित ग्रन्थ "संस्कृत की विदुषियाँ एवं महिलायें" का लोकार्पण हुआ। यह ग्रन्थ संस्कृत साहित्य में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करता है।




संरक्षक एवं विशिष्ट अतिथि श्री अमर अग्रवाल ने संस्कृत भाषा की महत्ता और शिक्षा जगत में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। प्रो० राधावल्लभ त्रिपाठी ने सारस्वत उद्बोधन में संस्कृत की वैज्ञानिकता और विश्व में उसकी स्वीकार्यता पर गहन विचार प्रस्तुत किए। वहीं प्रो० ब्रजभूषण ओझा और प्रो० विष्णुकान्त पाण्डेय ने विद्वत्सम्बोधन में पाणिनीय व्याकरण की सूक्ष्मताओं और उसके आधुनिक परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डाला।





कार्यक्रम में संस्थान के छात्रों ने अपने प्रतिवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें संस्कृत अध्ययन की चुनौतियों और अवसरों पर विचार रखे गए। मुख्य अतिथि प्रो० श्रीनिवास वरखेड़ी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत भाषा और पाणिनीय परम्परा को आधुनिक तकनीकी साधनों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल युग में संस्कृत को पुनः प्रतिष्ठित करना सम्भव है।



कार्यक्रम के अंत में श्री चन्द्रप्रकाश वाजपेयी (सचिव, पाणिनीय शोध संस्थान) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुये सभी अतिथियों, विद्वानों एवं छात्रों का आभार व्यक्त किया एवं डॉ. अभिजित् दीक्षित द्वारा मंच का कुशल संचालन किया गया। 




इस परिचर्चा ने स्पष्ट किया कि पाणिनिप्रक्रिया केवल भारतीय परम्परा का गौरव नहीं, बल्कि विश्व भाषाविज्ञान का आधारस्तम्भ है। विद्वानों के विचारों ने संस्कृत भाषा की महत्ता को पुनः स्थापित किया और विद्वत्सम्मान की परम्परा को जीवित रखा। "पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया का विश्वपरिचय एवं विद्वत्सम्मान" परिचर्चा ने संस्कृत जगत को नई दिशा प्रदान की और भारतीय संस्कृति की अमर ज्योति को पुनः प्रज्वलित किया।

300 वर्षों के बाद तर्क और विज्ञान का आधार पर स्थापित है पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया : प्रो० श्रीनिवास वरखेड़ी* 300 वर्षों के बाद तर्क और विज्ञान का आधार पर स्थापित है पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया : प्रो० श्रीनिवास वरखेड़ी* Reviewed by dainik madhur india on 12:56 AM Rating: 5

पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया का विश्वपरिचय एवं काशी तथा जयपुर के शास्त्रपण्डितों का विद्वत्सम्मान 1 मई को बिलासपुर नगर में दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा।बिलासपुर।

 पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया का विश्वपरिचय एवं काशी तथा जयपुर के शास्त्रपण्डितों का विद्वत्सम्मान 1 मई को बिलासपुर नगर में

दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा।बिलासपुर।



बिलासपुर, छत्तीसगढ़ - 1 मई 2026 को पाणिनीय शोध संस्थान द्वारा  विशिष्ट संगोष्ठी का आयोजन नगर स्थित लक्खीराम सभा ग्रह में  प्रातः 10 बजे से सम्पन्न होने जा रहा है। यह आयोजन भारतीय ज्ञान परम्परा के अद्वितीय संकल्प को जागृत करता है और संस्कृत व्याकरण की वैश्विक महत्ता को पुनः रेखांकित करता है।संस्कृत व्याकरण विश्व की भाषाविज्ञान परम्पराओं में अत्यन्त विशिष्ट स्थान रखता है। इसी परम्परा के अध्ययन को सरल और सुलभ बनाने हेतु आचार्या पुष्पा दीक्षित जी ने अपने गहन चिन्तन से पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया का निर्माण किया है।उक्त जानकारी देते संस्था के सचिव चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने बतलाया कि डॉ पुष्पा दीक्षित द्वारा बनाई यह प्रक्रिया पाणिनीय शास्त्र की जटिलताओं को सहज बनाती है और वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की विलक्षण पहचान स्थापित करती है।इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य पाणिनि-प्रक्रिया के ऐतिहासिक, भाषिक और शैक्षिक आयामों पर विचार-विमर्श करना है। कार्यक्रम में शैक्षणिक व्याख्यान, छात्र प्रतिवेदन और विशिष्ट अतिथियों के उद्बोधन सम्मिलित होंगे। इन चर्चाओं से पाणिनीय अध्ययन के नवाचार और संरक्षण के लिए नई दिशाएँ प्राप्त होने की संभावना है। विशेष अवसर पर काशी और जयपुर के शास्त्रपण्डितों का सम्मान किया जाएगा। यह विद्वत्सम्मान उन विद्वानों के प्रति कृतज्ञता है जिन्होंने संस्कृत अध्ययन और पाणिनीय परम्परा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी जी तथा सारस्वत अतिथि प्रो. राधावल्लभ त्रिपाठी जी होंगे। उनकी उपस्थिति इस आयोजन को और अधिक गरिमामय बनाएगी। विशेष रूप से इस गरिमापूर्ण आयोजन के संरक्षक एवं वरिष्ठ विधायक तथा पूर्व मन्त्री माननीय अमर अग्रवाल जी भी एवं गणमान्य अतिथि इस आयोजन में अपनी सहभागिता करेंगे।यह परिचर्चा केवल एक शैक्षिक सभा नहीं, बल्कि पाणिनीय परम्परा को समकालीन संदर्भ में पुनःस्थापित करने का एक सशक्त प्रयास है। आयोजकों का विश्वास है कि इस संगोष्ठी से भारतीय शैक्षिक नीतियों में पाणिनीय पद्धति के समावेश हेतु ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। साथ ही यह आयोजन युवा प्रतिभाओं के सशक्तीकरण और नवीन छात्रों के संवाद का उदय सिद्ध होगा। चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने बतलाया आचार्या दीक्षित जी द्वारा स्थापित पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया-विज्ञान प्राचीन शास्त्र परम्परा और आधुनिक वैज्ञानिक शिक्षा के संगम का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह मंच विद्वानों, शोधकर्ताओं, छात्रों और नीति-निर्माताओं के लिए विचार-विमर्श, सहयोग और नवाचार के द्वार खोलेगा।
पाणिनीय शोध संस्थान द्वारा तैयार किया गया यह कार्यक्रम संस्कृत अध्ययन के भविष्य के लिए निःसन्देह प्रेरणास्पद सिद्ध होगा। इस संगोष्ठी के माध्यम से भारतीय ज्ञान परम्परा की गहराई और उसकी वैश्विक प्रासंगिकता को पुनः अनुभव किया जा सकेगा। यह आयोजन न केवल विद्वानों के सम्मान का अवसर है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कृत अध्ययन की नई राहें खोलने का भी संकल्प है।
पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया का विश्वपरिचय एवं काशी तथा जयपुर के शास्त्रपण्डितों का विद्वत्सम्मान 1 मई को बिलासपुर नगर में दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा।बिलासपुर। पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया का विश्वपरिचय एवं काशी तथा जयपुर के शास्त्रपण्डितों का विद्वत्सम्मान 1 मई को बिलासपुर नगर में  दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा।बिलासपुर। Reviewed by dainik madhur india on 12:04 AM Rating: 5

“अक्षय तृतीया की चौपाल कक्का की वाणी में परशुराम का धर्म, संतुलन और रिश्तों का अमर संदेश” कैलाश पाण्डेय

“अक्षय तृतीया की चौपाल  कक्का की वाणी में परशुराम का धर्म, संतुलन और रिश्तों का अमर संदेश”

कैलाश पाण्डेय 
कक्का की चौपाल उस दिन कुछ और ही जीवंत लग रही थी। पीपल के विशाल पेड़ की ठंडी छांव में खाट बिछी थी। दूर कहीं बैलों की घंटियों की मधुर झंकार वातावरण में घुल रही थी, और हवा में पके अनाज की सौंधी खुशबू मन को छू रही थी। ढलती शाम के साथ आकाश अपने रंग बदल रहा था—पहले हल्का सुनहरा, फिर गहरा केसरिया… मानो प्रकृति स्वयं कोई उत्सव मना रही हो।
कक्का ने अपनी लाठी के सहारे बैठते हुए गला साफ किया। पास ही घसीटा और चौरंगी लाल ध्यान से उनकी ओर झुक आए।
“अरे घसीटा, चौरंगी… आज की हवा कुछ अलग नहीं लग रही तुम्हें?” कक्का ने धीमे, मगर गूंजते स्वर में कहा।
घसीटा ने चारों ओर नजर दौड़ाई, “सच कह रहे हो कक्का… जैसे सब कुछ शांत भी है और भीतर से जागा हुआ भी।”
कक्का हल्के से मुस्कुराए, “क्योंकि आज अक्षय तृतीया है बेटा… वो दिन, जिसका पुण्य और प्रभाव कभी क्षय नहीं होता अक्षय।”
उसी क्षण पास के पेड़ से कोयल की मधुर “कू… कू…” गूंज उठी, जैसे प्रकृति भी इस सत्य की गवाही दे रही हो।
चौरंगी लाल उत्सुक होकर आगे झुका, “कक्का, त्योहार तो और भी होते हैं… ये इतना खास क्यों?”
कक्का ने आसमान की ओर इशारा किया, “देखो, आज सूर्य मेष में और चंद्र वृषभ में उच्च होते हैं। जब ये दोनों अपने श्रेष्ठ स्थान पर होते हैं, तो पूरी प्रकृति संतुलन में आ जाती है। और जब ऊपर संतुलन हो, तो नीचे जीवन भी अपनी राह खुद पा लेता है।”
हवा का एक हल्का झोंका आया… पीपल के पत्ते सरसराए जैसे कोई अदृश्य संवाद चल रहा हो।
कक्का की आवाज़ अब और गंभीर हो गई,
“और सुनो… इसी दिन भगवान परशुराम का अवतरण हुआ था। वे केवल योद्धा नहीं थे वे संतुलन के रक्षक थे। ब्राह्मण का ज्ञान और क्षत्रिय का पराक्रम… ऐसा अद्भुत संगम, जो आज भी हमें जीने का सही मार्ग दिखाता है।”
घसीटा ने धीरे से पूछा, “कक्का, क्या इसलिए इस दिन नए काम शुरू करते हैं?”
कक्का ने सिर हिलाया, “बिलकुल। इस दिन लिया गया हर संकल्प ‘अक्षय’ बन जाता है। किसान नई फसल की योजना बनाता है, व्यापारी नया बही-खाता खोलता है… और परिवार नए रिश्तों की नींव रखते हैं।”
तभी दूर मंदिर से घंटी की आवाज़ गूंजी—
“टननन… टननन…”
और पूरा वातावरण और भी पवित्र हो उठा।
चौरंगी लाल की आँखें चमक उठीं, “मतलब शादी-ब्याह भी इसी दिन से शुरू होते हैं?”
कक्का की आँखों में गहराई उतर आई, “हाँ बेटा… यही तो सनातन की असली सुंदरता है। इस शुभ मुहूर्त से विवाह शुरू होते हैं जहाँ सिर्फ दो लोग नहीं, दो कुल जुड़ते हैं। एक नया संसार बसता है, जहाँ माँ की ममता, पिता का साया, भाई-बहन की हंसी… सब एक साथ खिलते हैं।”
हवा में जैसे दूर से आती ढोलक की थाप गूंज उठी
“ढम… ढम… ढम…”
मानो कोई बारात रास्ते में हो…
“संयुक्त परिवार…” कक्का ने धीमे स्वर में कहा,
“वो एक कच्चे धागे जैसा होता है। दिखने में नाज़ुक, पर जब उसमें प्रेम, त्याग और संस्कार पिरो दिए जाएं… तो वही सबसे मजबूत बंधन बन जाता है।”
घसीटा की आँखें नम हो गईं, “कक्का… ये तो दिल को छू गई बात।”
कक्का ने स्नेह भरी नजरों से दोनों को देखा,
“और याद रखना… परशुराम जी की तरह जीवन में संतुलन बनाए रखना ही सच्चा धर्म है। जब भी अन्याय बढ़े उसे रोकना, और जब भी रिश्ते टूटने लगें उन्हें जोड़ना… यही अक्षय तृतीया का असली संदेश है।”
सूरज अब क्षितिज के पार जा चुका था। आकाश में तारे टिमटिमाने लगे थे। चौपाल में एक गहरी शांति थी लेकिन वो खाली नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और एक नई समझ से भरी हुई।
पीपल के पत्ते फिर धीरे-धीरे हिले…
जैसे प्रकृति स्वयं कह रही हो
“जो आज समझा… वही जीवन भर अक्षय रहेगा…”
“अक्षय तृतीया की चौपाल कक्का की वाणी में परशुराम का धर्म, संतुलन और रिश्तों का अमर संदेश” कैलाश पाण्डेय “अक्षय तृतीया की चौपाल  कक्का की वाणी में परशुराम का धर्म, संतुलन और रिश्तों का अमर संदेश”  कैलाश पाण्डेय Reviewed by dainik madhur india on 2:52 AM Rating: 5

बरगवां सोड़ाफैक्ट्री में हर्षोल्लास के साथ मना भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव पूजा के पश्चात भव्य भंडारे का हुआ आयोजन दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा।

बरगवां सोड़ाफैक्ट्री में हर्षोल्लास के साथ मना भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव

पूजा के पश्चात भव्य भंडारे का हुआ आयोजन

दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा।
अनूपपुर।बरगवां अमलाई नगरपरिषद वार्ड क्रमांक 3 फैक्ट्री गेट के सामने विवेक  पाण्डेय निवास पर बरगवां अंतर्गत पहली बार ब्राह्मण समाज एवं सनातन प्रेमियों के द्वारा भव्य एवं दिव्य श्री भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव मनाया गया सभी सुबह 11 बजे एकत्रित होकर पूजन हवन कार्यक्रम में शामिल होकर भंडारा प्रसाद ग्रहण कर सभी ने शीश नवाये और इस पुनीत आयोजन के लिए धन्यवाद दिए।कार्यक्रम में सभी ने अपने अपने विचार रखते हुए जन्मोत्सव कार्यक्रम पर अपने उद्बोधन दिए जिसमे प्रदीप मिश्रा पत्रकार द्वारा भगवान परशुराम जी के जन्म और उनके द्वारा किये गए मानव कल्याण और अत्याचार के विनाश के बारे में प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम की सराहना की और नित्य ऐसे कार्यकम होते रहे इसके लिए भाई विवेक पांडेय,बहन विमला पाण्डेय जी का आभार साधुवाद किया।कार्यक्रम में माताएं बहने एवं ब्राह्मण समाज के वरिष्ठजनों के साथ सनातन प्रेमी शामिल रहे।



बरगवां सोड़ाफैक्ट्री में हर्षोल्लास के साथ मना भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव पूजा के पश्चात भव्य भंडारे का हुआ आयोजन दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा। बरगवां सोड़ाफैक्ट्री में हर्षोल्लास के साथ मना भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव  पूजा के पश्चात भव्य भंडारे का हुआ आयोजन  दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा। Reviewed by dainik madhur india on 8:31 AM Rating: 5

आदर्श मेघवाल जांगड़ा समाज सम्मेलन बोडा में लभगभ 51 जोड़ें 23 अप्रैल को थामेंगे एक दूजे का हाथ दैनिक मधुर इंडिया।राजगढ़।

आदर्श मेघवाल जांगड़ा समाज सम्मेलन बोडा में लभगभ 51 जोड़ें 23 अप्रैल को थामेंगे एक दूजे का हाथ

दैनिक मधुर इंडिया। मेहरबान सिंह चौहान भोपाल
आदर्श मेघवाल जांगड़ा समाज युवाओं के द्वारा जो सम्मेलन किया जा रहा है वह  23 अप्रैल दिन गुरुवार को संपन्न होने जा रहा है यह सम्मेलन ऐतिहासिक होने जा रहा है जिसमें लगभग 51 जोड़े बंधन में बनेंगे और एक नया इतिहास बनेगा क्योंकि यहां सम्मेलन युवाओं के द्वारा किया जा रहा है जिसमें समाज में निश्चित परिवर्तन आएगा क्योंकि युवा ही इस देश की रीड की हड्डी है तो युवाओं के द्वारा जो किया जा रहा है वहां एक समाज के लिए गर्व की बात है और इसमें जो भी सहयोग करना चाहता है वह सहयोग कर सकता है और अभी 15 तारीख तक जोड़े और लिए जाएंगे जो भी युवक युवती 18 और 21 वर्ष पूर्ण कर चुके हैं वहां अपने जोड़ दे सकते हैं जिसमें बोडा से जुड़े हुए आसपास के गांव सभी में बड़े हर्षउल्लास है और सभी ग्राम वासी तन मन धन से सहयोग कर रहे हैं और सभी ग्रामीण जनों का विश्वास है कि यहां एक अच्छा सम्मेलन होगा जिससे समाज में अच्छा मैसेज जाएगा जिसमें बहुत कुछ नया देखने को मिलेगा
आदर्श मेघवाल जांगड़ा समाज सम्मेलन बोडा में लभगभ 51 जोड़ें 23 अप्रैल को थामेंगे एक दूजे का हाथ दैनिक मधुर इंडिया।राजगढ़। आदर्श मेघवाल जांगड़ा समाज सम्मेलन बोडा में लभगभ 51 जोड़ें 23 अप्रैल को थामेंगे एक दूजे का हाथ  दैनिक मधुर इंडिया।राजगढ़। Reviewed by dainik madhur india on 10:23 AM Rating: 5

सोशल मीडिया में ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट को लेकर ब्राह्मण संगठन ने सौपा ज्ञापन कोतवाली अनूपपुर में सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने पहुंच जताया विरोध दैनिक मधुर इंडिया।संपादक प्रदीप मिश्रा।

सोशल मीडिया में ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट को लेकर ब्राह्मण संगठन ने सौपा ज्ञापन

कोतवाली अनूपपुर में सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने पहुंच जताया विरोध

दैनिक मधुर इंडिया।संपादक प्रदीप मिश्रा।



अनूपपुर।जिले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ब्राह्मण समाज के संगठन एकजुट हो गए हैं और प्रशासन से तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ब्राह्मण समाज के लोगों का आरोप है कि फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पटेल समाज के आसामजिक वा अपराधिक तत्वों द्वारा ब्राम्हण समुदाय के खिलाफ लगातार अभद्र, अपमानजनक और भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही हैं। इन पोस्टों में कथित रूप से अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए जातिगत भावनाओं को भड़काने की कोशिश की जा रही है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं और ब्राम्हण समाज के युवाओं के बीच आक्रोश का माहौल बनता जा रहा है।
मामले को लेकर ब्राह्मण समाज के दो सैकड़ा से अधिक लोग एकजुट होकर रैली के रूप में कोतवाली अनूपपुर पहुंचे, जहां उन्होंने कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कुछ व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि वे संगठित रूप से ब्राम्हण समाज के खिलाफ माहौल बनाने और अन्य समुदायों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। ब्राम्हाण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह केवल अभद्र टिप्पणी का मामला नहीं है, बल्कि सुनियोजित तरीके से सामाजिक तनाव फैलाने की कोशिश है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी बढ़ाने, भड़काऊ सामग्री पर तुरंत रोक लगाने और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की गई है।
ब्राम्हाण समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिनके कारण शहर में तनाव की स्थिति बनी थी। उनका कहना है कि इसके पूर्व 26 अगस्त 2020 को फेसबुक में सबसे पहले हिन्दू -मुस्लिम समुदाय के लिये भड़काऊ पोस्ट  कर हिन्दूओं को भड़काया था, जिससे नगर के अंदर दो दिनों तक आगजनी वा दंगा का रूप ले लिया था और शहर में तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उन्होने प्रशासन से मांग की है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं।
ब्राह्मण समाज के संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अनूपपुर जैसे शांतिप्रिय क्षेत्र में इस तरह के विवाद बेहद चिंताजनक हैं और इससे शहर की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अब पूरे मामले में लोगों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। प्रशासन के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है कि वह निष्पक्षता और तत्परता के साथ कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित करे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और जिले में आपसी भाईचारा और शांति कायम रह सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के विवाद से शहर की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अनूपपुर जैसे शांत क्षेत्र में इस प्रकार के जातिगत विवाद चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। अब सभी की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है। समय रहते उचित कदम उठाना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और सामाजिक भाईचारा कायम रखा जा सके।
सोशल मीडिया में ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट को लेकर ब्राह्मण संगठन ने सौपा ज्ञापन कोतवाली अनूपपुर में सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने पहुंच जताया विरोध दैनिक मधुर इंडिया।संपादक प्रदीप मिश्रा। सोशल मीडिया में ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट को लेकर ब्राह्मण संगठन ने सौपा ज्ञापन  कोतवाली अनूपपुर में सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने पहुंच जताया विरोध  दैनिक मधुर इंडिया।संपादक प्रदीप मिश्रा। Reviewed by dainik madhur india on 9:13 AM Rating: 5

अनूपपुर शहर में पुलिस के सामने भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी सरेराह मौजूदगी में महिला के साथ कि मारपीट छेड़छाड़ पुलिस ने 4 विभिन्न धाराओं के तहत अपराध किया पंजीबद्ध दैनिक मधुर इंडिया।संपादक प्रदीप मिश्रा।

अनूपपुर शहर में पुलिस के सामने भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी सरेराह मौजूदगी में महिला के साथ कि मारपीट छेड़छाड़

पुलिस ने 4 विभिन्न धाराओं के तहत अपराध किया पंजीबद्ध

दैनिक मधुर इंडिया।संपादक प्रदीप मिश्रा।


अनूपपुर। मुख्यालय लगातार इन दिनों शराबियों एवं गजेडियो   नशेड़ियों का दंश झेल रहा है यहां पर आये दिन नशे के हालत में कोई न कोई नेता नपाड़ी अपनी धमकी घुड़की लोगो को देते दिखाई देते है शहर में चैन अमन बड़ी मुश्किल हो चुका है यहां कानून को खिलवाड़ समझकर लोग अपराध कारित करने में आमादा हो चुके है।

एक ताजा मामला कल शाम दिनांक 10/4/2026 तकरीबन 7 बजकर 25 मिनट का है जो वारदात मून लाइट होटल संचालक दीपक पटेल एवं उनकी पत्नी पिंकी पटेल के साथ घटी बताया जा रहा है कि अनूपपुर निवासी भाजपा मंडल उपाध्यक्ष निरंजन शुक्ला और उसके मामा देवानन्द शुक्ला के द्वारा होटल संचालक दीपक पटेल एवं पिंकी पटेल से मारपीट की गई पहले शराब के नशे में निरंजन शुक्ला होटल के सामने खड़ी वाहन को नियंत्रित तरीके से वाहन चलाते हुए तोड़फोड़ किया इसके बावजूद लोगों ने जब कहा कि भाई ऐसे क्यों गाड़ी चलाते हो तो उसने कहा कि मैं यहां का नेता हूं और यहां हमारी हुकूमत चलती है इतने में ही निरंजन शुक्ला ने देवानंद शुक्ला अपने मामा को फोन करके बुलाया की मामा यहां पर लोग मुझसे विवाद कर रहे हैं तभी देवानंद शुक्ला वहां पर आकर निरंजन शुक्ला के साथ मिलकर बोले और गाड़ी तोड़ेंगे कौन बोलेगा और अचानक से मारपीट करना शुरू कर दिया होटल में मूनलाइट होटल संचालक पिंकी पटेल के पति दीपक पटेल थे जिनके साथ निरंजन शुक्ला मारपीट करने लगा क्योंकि उनका साफ कहना था कि मेरे गाड़ी को अपने तोड़ दिया है हम लोग बड़ी मेहनत से पैसा कमा कर गाड़ी खरीदे हैं निरंजन शुक्ला और देवानंद शुक्ला लगातार मारपीट शुरू करते रहे तभी मौके पर ही आकर पिंकी पटेल ने बीच बचाव किया जहां पर पिंकी पटेल के साथ निरंजन शुक्ला और देवानंद शुक्ला ने मारपीट करते हुए एक महिला के शरीर को बुरी नियत से टच करते हुए बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया एक महिला के साथ इस तरह से जो कृत्य किया गया बात तो तब और भी ज्यादा गंभीर हो गई जब 112 पुलिस के सामने निरंजन शुक्ला एवं उनके लोगों ने एक महिला के साथ इस तरह से घटना को अंजाम दिया जो किया है पूरा मामला पूरे जिले को शर्मसार कर देने वाला है। जहां एक और भाजपा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है वही यहां इनके भाजपा के नेता ही महिलाओं की इज्जत उतारने में आमादा हो चुके हैं जिले के लोगों ने ऐसे भाजपा के बेशर्म नेताओ को सलाखों के पीछे डालने के लिए पुलिस प्रशासन से मांग की है और ऐसे लोगों को भाजपा से तत्काल हटाने की भी मांग की है जिन्हें नारी शक्ति एवं महिला सम्मान के बारे में कुछ भी पता नहीं है। 

इनका कहना है-

जानकारी प्राप्त हुई है बैठक के बाद इस मामले में जानकारी प्राप्त करके आगे की कार्यवाही की जाएगी

बृजेश चतुर्वेदी भाजपा मंडल अध्यक्ष अनूपपुर
अनूपपुर शहर में पुलिस के सामने भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी सरेराह मौजूदगी में महिला के साथ कि मारपीट छेड़छाड़ पुलिस ने 4 विभिन्न धाराओं के तहत अपराध किया पंजीबद्ध दैनिक मधुर इंडिया।संपादक प्रदीप मिश्रा। अनूपपुर शहर में पुलिस के सामने भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी सरेराह मौजूदगी में महिला के साथ कि मारपीट छेड़छाड़  पुलिस ने 4 विभिन्न धाराओं के तहत अपराध किया पंजीबद्ध  दैनिक मधुर इंडिया।संपादक प्रदीप मिश्रा। Reviewed by dainik madhur india on 12:40 AM Rating: 5

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