होलिका दहन सोमवार व मिलन चार मार्च बुधवार को होगा~ के. के.मिश्र आइऐ जानें होलिका दहन व चंद्र ग्रहण के बारे में
होलिका दहन सोमवार व मिलन चार मार्च बुधवार को होगा~ के. के.मिश्र
आइऐ जानें होलिका दहन व चंद्र ग्रहण के बारे में
दैनिक मधुर इंडिया न्यूज़ अजय मिश्रा
सीतापुरफाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला होलिका दहन भारतीय संस्कृति का एक अत्यन्त पवित्र पर्व है। यह आपसी भाईचारे एवं प्रेम मोहब्बत का प्रतीक पर्व है।इस दिन संध्या समय विधि-विधान से होलिका दहन किया जाता है और भक्तजन अपने जीवन से नकारात्मकता,पाप और अहंकार को दूर करने का संकल्प लेते हैं।
फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है और उसके अगले दिन लोग रंग और गुलाल से एक- दूसरे के साथ होली खेलते हैं।
पं कमल किशोर मिश्र बताते हैं कि काशी के महावीर पंचांग के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन दो मार्च सोमवार को अर्धरात्रि में भद्रा पुच्छ के समय रात्रि ग्यारह बजकर तिरपन मिनट से मध्य रात्रि बारह बजकर पचास मिनट के बीच होलिका दहन करना शुभ होगा।
*चंद्र ग्रहण जानकारी*
रंगों के बीच सूतक काल पं कमल किशोर मिश्र बताते हैं कि तीन मार्च मंगलवार को साल 2026 का का पहला चंद्रग्रहण भी लगेगा। ग्रहण का समय शाम छ: बजे से 6:48 बजे तक रहेगा। ग्रहण काल का समय अड़तालिस मिनट रहेगा।ग्रहण का सूतक प्रातः नौ बजे से शुरू हो जाएगा।सूतक के दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और केवल भजन- कीर्तन होंगे।
रंगोत्सव पर्व-होली रंग खेलने या रंगोत्सव मनाने के संदर्भ में भविष्य पुराण का कथन है कि चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को बसंत उत्सव मनाया जाना चाहिए। अब चैत्र कृष्ण प्रतिपदा उदया तिथि चार मार्च दिन बुधवार को है।अतैव शास्त्र सम्मत रंग खेले जाने का निर्णय चार मार्च 2026 बुधवार का दिन ही निर्धारित करते हैं।
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