देवास जिला अस्पताल: सूचना के अधिकार (RTI) पर लगा ग्रहण, 1992 से जमे कर्मचारी पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के गंभीर आरोप*
*देवास जिला अस्पताल: सूचना के अधिकार (RTI) पर लगा ग्रहण, 1992 से जमे कर्मचारी पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के गंभीर आरोप*
*दैनिक मधुर इंडिया*
देवास। जिला मुख्य चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सूचना के अधिकार (RTI) कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन में वर्षों से कुंडली मारकर बैठे एक रसूखदार कर्मचारी के कारण न सिर्फ सूचना का अधिकार दम तोड़ रहा है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में पनप रहे भ्रष्टाचार को भी खुला संरक्षण मिल रहा है। ताजा मामला जिला मुख्य चिकित्सालय (CMHO) कार्यालय में आरटीआई का कार्य देख रहे कर्मचारी अशोक सेन से जुड़ा है, जिन पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और नियमों को ताक पर रखकर एक ही स्थान पर जमे रहने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं।
34 सालों से एक ही जगह पदस्थापना, शासकीय नियमों की उड़ रही धज्जियां
हैरानी की बात यह है कि अशोक सेन की पदस्थापना सन 1992 से देवास में ही है। पिछले करीब 34 वर्षों से वे एक ही स्थान पर पदस्थापित हैं, जो कि शासकीय स्थानांतरण नीति और नियमों का खुला उल्लंघन है। इतने लंबे समय तक एक ही जगह टिके रहने के कारण अस्पताल के भीतर उनका एक मजबूत नेटवर्क बन चुका है, जिसका इस्तेमाल वे कथित तौर पर प्रशासनिक गड़बड़ियों को छुपाने के लिए कर रहे हैं।
छात्रों की पढ़ाई के नाम पर वेतन, लेकिन कर रहे RTI की 'मैनेजमेंट'
आरोपों के मुताबिक, अशोक सेन मूल रूप से नर्सिंग कॉलेज के छात्रों के शिक्षक (टीचर) के रूप में पदस्थ हैं। नियमानुसार उन्हें छात्रों को पढ़ाने का कार्य करना चाहिए, लेकिन वे शिक्षण कार्य न करते हुए सीएमएचओ ऑफिस में बैठकर सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े मामलों को संभाल रहे हैं। इस कारण एक तरफ जहाँ नर्सिंग छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल के मलाईदार पद�
देवास जिला अस्पताल: सूचना के अधिकार (RTI) पर लगा ग्रहण, 1992 से जमे कर्मचारी पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के गंभीर आरोप*
Reviewed by dainik madhur india
on
7:22 AM
Rating:
Reviewed by dainik madhur india
on
7:22 AM
Rating:

No comments: