एमजी अस्पताल में डॉक्टर की मनमर्जी ने ली मासूम की जान; पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
एमजी अस्पताल में डॉक्टर की मनमर्जी ने ली मासूम की जान; पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
*दैनिक मधुर इंडिया सादिक पठान*
देवास। जिला महात्मा गांधी (एमजी) चिकित्सालय का प्रसूति वार्ड एक बार फिर गंभीर विवादों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते सुर्खियों में है। इस बार मामला बेहद संवेदनशील और रूह कंपा देने वाला है, जहाँ पुरुष वर्जित क्षेत्र में एक पुरुष डॉक्टर की कथित 'रंगबाजी' और पुलिस प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई के कारण एक नवजात शिशु की गर्भ में ही मौत हो गई। व्यथित पीड़िता ने जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला ?
आनंद नगर निवासी पीड़िता शाहीन पति अमजद शेख ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि *30 मार्च 2026* को वह असहनीय प्रसव पीड़ा के कारण एमजी अस्पताल गई थीं। ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर भारती पंडोले ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत 'अर्जेंट सोनोग्राफी' कराने की सलाह दी।
जब पीड़िता प्रसूति वार्ड के सोनोग्राफी कक्ष (जो कि महिला सुरक्षित और पुरुष वर्जित क्षेत्र माना जाता है) में पहुँची, तो वहाँ डॉ. अजहउद्दीन शेख मौजूद थे। आरोप है कि डॉ. अजहउद्दीन ने अर्जेंट सोनोग्राफी करने के बजाय पीड़िता और उसके पति के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। "जब दर्द बढ़ने पर मेरे पति अमजद शेख ने डॉक्टर से तुरंत सोनोग्राफी करने का अनुरोध किया, तो डॉक्टर गाली-गलौज पर उतर आए। उन्होंने धौंस देते हुए कहा कि 'यहाँ मेरी मर्जी से ही काम होगा।'
— *शाहीन (पीड़िता)*
विवाद बढ़ने पर डॉक्टर अजहउद्दीन शेख और वहाँ मौजूद अस्पताल की महिला नर्स प्रियंका जोगलेकर ने मिलीभगत कर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि डॉक्टर ने अपने राजनीतिक आकाओं और प्रभ
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