मानसून की बेरुखी से दतिया में सूखे जैसे हालात, खेतों से लेकर शहर तक बढ़ी चिंता

मानसून की बेरुखी से दतिया में सूखे जैसे हालात, खेतों से लेकर शहर तक बढ़ी चिंता

दैनिक मधुर इंडिया संवाददाता मोनू शर्मा दतिया।




दतिया। जून का महीना खत्म होने को है, लेकिन दतिया जिले में मानसून अब तक उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। बारिश की भारी कमी ने न केवल किसानों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि भीषण गर्मी और उमस ने आम लोगों का भी जीना मुश्किल कर दिया है। आंकड़े बताते हैं कि इस बार जिले में बारिश सामान्य से काफी कम हुई है, जिससे कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं।




1 जून से 25 जून 2026 तक जिले में औसतन केवल 13.25 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 71.25 मिलीमीटर बारिश हुई थी। यानी इस बार लगभग 58 मिलीमीटर कम, यानी करीब पांच गुना कम बारिश हुई है। यही वजह है कि मानसून की धीमी रफ्तार अब जिले की सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है।
बारिश की कमी का सीधा असर मौसम पर भी दिखाई दे रहा है। अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार भी औसतन केवल 5 किलोमीटर प्रति घंटा रहने से उमस लगातार बढ़ रही है। हालात ऐसे हैं कि कूलर और पंखे भी लोगों को राहत नहीं दे पा रहे हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति दतिया शहर और भांडेर तहसील की है। दतिया शहर में 25 जून तक जहां पिछले साल 175 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई थी, वहीं इस बार केवल 18 मिलीमीटर बारिश हुई है। भांडेर में भी पिछले वर्ष 80 मिलीमीटर के मुकाबले इस बार महज 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे यहां सूखे जैसे हालात बन गए हैं।
हालांकि जिले के सभी हिस्सों की स्थिति एक जैसी नहीं है। सेवढ़ा क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार थोड़ी बेहतर बारिश दर्ज हुई है। यहां पिछले साल 18 मिलीमीटर के मुकाबले इस बार 21 मिलीमीटर वर्षा हुई है। वहीं इंदरगढ़ में स्थिति लगभग पिछले साल जैसी बनी हुई है।
बारिश में देरी का सबसे बड़ा असर खेती पर पड़ रहा है। जून का अंतिम सप्ताह खरीफ फसलों की बुआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण अधिकांश किसान खेतों में बीज डालने का जोखिम नहीं उठा रहे हैं। जिन किसानों ने पहले ही बुआई कर दी है, उन्हें अब फसल के सूखने की चिंता सता रही है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन प्रभावित हो सकता है। इससे उत्पादन पर असर पड़ने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल दतिया में हर नजर आसमान पर टिकी है। किसान अच्छी बारिश की दुआ कर रहे हैं, जबकि आम लोग भी गर्मी और उमस से राहत देने वाली मानसूनी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि मानसून जिले के लिए राहत लेकर आता है या फिर सूखे की आशंकाएं और गहरा जाती हैं।
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