*आपातकाल कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता का आईना, लोकतंत्र के लिए आज भी खतरा: डॉ. नरोत्तम मिश्रा*
दैनिक मधुर इंडिया संवाददाता मोनू शर्मा दतिया
*रीवा। देश में लगाए गए आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा द्वारा आयोजित "संविधान हत्या दिवस" कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।उन्होंने कहा कि आपातकाल केवल इतिहास की एक घटना नहीं, बल्कि कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता का आईना है। यह बताता है कि कांग्रेस हमेशा स्वयं को संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर मानती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जब भी सत्ता मिली, उसने लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और सत्ता को सर्वोपरि रखने का प्रयास किया, जो देश और लोकतंत्र दोनों के लिए घातक है।*
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। सत्ता बचाने के लिए संविधान की आत्मा को कुचल दिया गया, नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए और लोकतंत्र को बंधक बना दिया गया। लाखों लोगों की आवाज दबाई गई, विपक्षी नेताओं और लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में ठूंस दिया गया तथा प्रेस की स्वतंत्रता पर अभूतपूर्व हमला किया गया।
उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटा, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई और विरोध की हर आवाज को कुचलने का प्रयास किया, वही कांग्रेस आज संविधान बचाने का ढोंग कर रही है। देश की जनता यह नहीं भूली है कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संविधान दोनों को सबसे बड़ा खतरा कांग्रेस से ही पैदा हुआ था।
डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने केवल आपातकाल ही नहीं लगाया, बल्कि संविधान की मूल भावना को बदलने का भी प्रयास किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 31 संविधान संशोधन किए गए। इसके बाद भी कांग्रेस सरकारों ने लगातार संविधान में बदलाव किए, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को प्रभावित करने का प्रयास हुआ।
उन्होंने कहा कि आपातकाल को हमेशा याद रखा जाना चाहिए, क्योंकि यह केवल अतीत का एक अध्याय नहीं बल्कि लोकतंत्र के लिए चेतावनी है। यह बताता है कि जब सत्ता अहंकार में बदल जाती है तो संविधान, न्यायपालिका, मीडिया और नागरिक अधिकार सबसे पहले निशाने पर आते हैं।
डॉ. मिश्रा ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को नमन करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को आपातकाल की सच्चाई जानना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी सरकार संविधान और लोकतंत्र के साथ ऐसा खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
प्रेस वार्ता में भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आपातकाल का काला अध्याय देश को यह याद दिलाता रहेगा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सतत जागरूकता ही सबसे बड़ी शक्ति है।
आपातकाल कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता का आईना, लोकतंत्र के लिए आज भी खतरा: डॉ. नरोत्तम मिश्रा
Reviewed by dainik madhur india
on
6:47 AM
Rating:
Reviewed by dainik madhur india
on
6:47 AM
Rating:

No comments: