दतिया वासीओ आपकी एक भूल ने उड़ान भरते दतिया की रफ्तार को थाम दिया था…।
दैनिक मधुर इंडिया मोनू शर्मा दतिया।
लेकिन अब दतिया की जागरूक जनता सब समझ चुकी है।
जिस विश्वास के साथ आपने सत्ता सौंपी थी, वह विश्वास टूट गया।
वादों के नाम पर केवल भ्रम मिला, विकास के नाम पर केवल ठहराव।
परंतु दतिया का सौभाग्य है कि उसे अपना बेटा, अपना भाई, अपना जननेता
Narottam Mishra
के रूप में मिला, जिन्होंने निस्वार्थ समर्पण और अथक मेहनत से दतिया को नई पहचान दिलाई।
मां पीतांबरा की पावन नगरी दतिया को देशभर में गौरवान्वित करने वाले भव्य सांस्कृतिक आयोजन, विकास कार्य, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं और जनकल्याण की योजनाएं — यह सब दादा श्री के विजन और नेतृत्व का परिणाम था।
लेकिन विगत ढाई वर्षों में दतिया ने जो हालात देखे, वह किसी से छिपे नहीं हैं —
▪️ जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था
▪️ पानी की गंभीर समस्या से त्रस्त जनता
▪️ बिजली संकट से परेशान हर घर
▪️ अपराध और हत्या की घटनाओं से भय का माहौल
▪️ कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
▪️ सुशासन को कुशासन में बदल दिया गया
दतिया की जनता ने विकास रुकते हुए देखा है…
उड़ान टूटते हुए देखी है…
और अब जनता फिर से विकास, विश्वास और सम्मान चाहती है।
आज समय आ गया है कि दतिया फिर उसी स्वर्णिम दौर की ओर लौटे —
जहां विकास हो, सुरक्षा हो, सम्मान हो और हर नागरिक गर्व से कहे —
“यह है हमारा दतिया।”
अंतर साफ है…
एक तरफ विनाश की राजनीति
दूसरी तरफ विकास की गारंटी
एक तरफ टूटे हुए वादे
दूसरी तरफ जनसेवा का समर्पण
दतिया वासीओ आपकी एक भूल ने उड़ान भरते दतिया की रफ्तार को थाम दिया था…।
Reviewed by dainik madhur india
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6:57 AM
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