लगता है अनूपपुर में भाजपा के कुछ कर्णधारों ने अपनी राजनीति में मील का पत्थर नही देखा ?
दैनिक मधुर इंडिया।
अनूपपुर/राजकमल पांडे।
अनूपपुर फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण शुरू होने की ख़बर पाकर शहर के वासिंदे स्वस्थ व खुशहाल हो गया थे। अपितु ज्यों-ज्यों अड़ंगे बाज नेता का जनाधार विहीन और उबाऊ नेता की राजनीति में सक्रियता आई, त्यों-त्यों शहर के सीने में मर्ज़ उठता गया। अनूपपुर रेलवे ओवर ब्रिज जिसका कार्य शुरू हो गया था, जहां अस्पताल की तरफ लगभग 200 मीटर और शहर की तरफ से लगभग 100 मीटर सीसी रोड भी बनकर तैयार हो गया था। रेलवे के तकनीकी कारणों से रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य रुका हुआ था। ऐसे में शिलान्यास की राजनीतिक नौटंकी से यह बात सिद्ध हो जाता है कि निजी फ़ायदे के लिए शहर के अड़ंगे बाज नेता ने अपने उबाऊ राजनीति बघारने हेतु नया चाल चले हैं। और इस बीच मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह द्वारा ओवर ब्रिज का पुनः शिलान्यास नैतिकता, मर्यादा का तो सरासर उल्लंघन है ही बेशर्मी की जीती जागती मिसाल भी है। दोबारा शिलान्यास क्यों किया गया इसके पीछे के कारणों पर जाने पर यह पता चलता है कि अनूपपुर को अपने बाप दादा की जागीर समझने वाले कुछ जनाधार विहीन नेता को यह हजम नहीं हो रहा था कि अनूपपुर में ओवरब्रिज शिलान्यास के लगने वाले पत्थर में उनका नाम क्यों नहीं है ? जबकि तत्कालीन प्रभारी मंत्री संजय पाठक द्वारा फ्लाई ओवर ब्रिज का शिलान्यास किया गया था, फिर वह शिलान्यास का पत्थर रातों-रात किसने तोड़वाया इसकी तलाश में अभी भी भाजपा लगी है। एक सोची समझी साजिश के तहत दोबारा शिलान्यास करवा कर भारतीय जनता पार्टी का ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के पद की गरिमा का भी मजाक उड़ाया गया है। इस साजिश की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है, और सीधी सी बात है कि यह जनाधार विहीन नेता जब अपने दम पर बाप नहीं बन सकते तो किसी और के द्वारा पैदा किए हुए लड़के को अपना लड़का बोलकर किस बात की खुशी पाना चाहते हैं यह समझ से परे है।
हिंदुस्तान की राजनीति में ऐसा कहीं भी देखने व सुनने को नहीं मिला है कि जिस किसी कार्य की शुरुआत हो गई हो उसी कार्य का पुनः भूमि पूजन, शिलान्यास किया जाना कहाँ तक सही है। अब अनूपपुर में ऐसा क्यों किया गया यह तो किसी के समझ में नहीं आ रहा है, अपितु झूठी वाहवाही बटोरने की ख्वाहिश में लाइन पर खड़े अनूपपुर के जनाधार विहीन, भ्रष्टाचारी एंव सोशल साइट्स में असलील तस्वीर भेजने के आरोपी नेता जो अपने आप को अनूपपुर के भाजपा का कर्णधार समझते हैं, वही जाने।
अनूपपुर भाजपा में नए नए आए बड़ बोलेपन में माहिर, वर्तमान में प्रदेश सरकार में उधार के मंत्री बिसाहूलाल को जिस क़दर ग़ुमराह करके मध्य प्रदेश के सीएम के द्वारा अनूपपुर रेलवे ओवरब्रिज का शिलान्यास कराया गया है। उससे भाजपा, शिवराज और स्वयं बिसाहूलाल सिंह की खिल्ली ही उड़ रही है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि बिसाहूलाल व भाजपा के कुछ राजनीतिक कर्णधारों ने अपनी राजनीति में मील का पत्थर नही देखा। प्रतिष्ठा, सम्मान के चक्कर में ऐसा घनचक्कर चला कि अब उन नेताओं के ही समझ में नहीं आ रहा है कि वहां क्या करें। ऐसे पार्टी के झंडाबरदार नेता स्वयं किसी रोज़ धरासाई हो जाएंगे।
मध्य प्रदेश सरकार और भारत सरकार द्वारा अनूपपुर फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण में जिन किसानों की जमीन जा रही थी उनको भी लगभग आठ करोड़ का मुआवजा अब तक दिया जा चुका है, कुछ ऐसे परिवार जो कि मुआवजे की राशि से खुश नहीं थे वह कोर्ट में इसके खिलाफ गए हैं, जिसके कारण उनका मुआवजा रुका हुआ है। बताया जाता है कि फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण में दोनों तरफ के सीसी सड़क निर्माण में अब तक लगभग ₹500000 के आसपास का खर्चा भी किया जा चुका है।
‘‘इस तरह से बनेगा रेलवे ओवर ब्रिज पुल’’ राज्य सेतु निगम शहडोल के द्वारा फ्लाई ओवर ब्रिज बनाया जा रहा जिसकी चौड़ाई 12 मीटर होगी व लंबाई 52 मीटर के आसपास की होगी। कोतवाली की तरफ से 6 पिलर होंगे, तथा अस्पताल की तरफ पांच पिलर होंगे रेलवे की तकनीकी कारणों से रुका निर्माण कार्य अनूपपुर रेलवे के जोन मुख्यालय बिलासपुर द्वारा नए डिज़ाइन के ओवर ब्रिज पुल का मैप अप्रूवल होने के बाद बहुत जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू होने वाला है, ऐसे में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम नौटंकी से कम नहीं है।
लगता है अनूपपुर में भाजपा के कुछ कर्णधारों ने अपनी राजनीति में मील का पत्थर नही देखा ?
Reviewed by dainik madhur india
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8:37 AM
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