दतिया सिद्धार्थ कॉलोनी हत्याकांड हत्या या विरोधियों को फसाने की साजिश ।
दैनिक मधुर इंडिया संवाददाता दतिया।
सिद्धार्थ कॉलोनी फायरिंग में विशाल कुशवाहा नामक युवक की हत्या , फायरिंग में हुई हत्या न होकर अपने विरोधियों को फसाने सुनियोजित ढंग से अपने ही साथी की गोलीमार कर हत्या कर विरोधियों को फसाने का षड्यंत्र लग रहा है। पूर्व में भी आदतन अपराधी आनंद यादव, रोहित यादव अपने साथी दांगी की गोली मार कर हत्या कर अपने विरोधियों को फसाने का प्रयास कर चुके हैं । अगर विगत एक माह से आनंद यादव, भूरे राय और अमित तिवारी के बीच हुए विवादों का गंभीरता से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि किस प्रकार अपना दबदबा कायम रखने के लिए अपराधियों ने कुछ दिन पूर्व अमित तिवारी के घर पर जाकर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थी । इसका प्रकरण थाना कोतवाली में दर्ज है लेकिन उसके बाद भी जब इन अपराधियों को लगा कि अमित तिवारी इनके आगे नहीं झुक रहे हैं तो इन लोगों ने अमित तिवारी को सबक सिखाने के लिए हत्या के केस में फसाने की योजना बना डाली और योजना के अनुसार ही जिस तरह पूर्व में अपने विरोधियों को फसाने दांगी की हत्या की थी इस प्रकार आनंद यादव ने पूरी प्लानिंग कर रेकी कर अमित तिवारी के घर आने-जाने के टाइम को चुना और रास्ते में घात लगाकर खड़े हो गए जैसे ही अमित तिवारी अपने साथियों सहित वहां से निकले तो आनंद यादव गैंग ने अमित तिवारी पर गोलियां चला दी जिनकी एक गोली अमित के छोटे भाई शिवम् तिवारी के पैर में लगी । और घटना को गोलीबारी का रूप देकर आनंद यादव नेअपने साथी विशाल कुशवाहा की गोलीमार कर हत्या कर अपने विरोधी अमित तिवारी को षड्यंत्रपूर्वक झूठे हत्या के केस में फंसा दिया । पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि इस केस की जांच इस दिशा में भी की जाए ताकि घटना के वास्तविक दोषी पकड़े जा सकें वास्तविक घटना का दूध का दूध और पानी का पानी हो सके
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