जमीनी हकीकत कुछ और, आरोपों की तस्वीर कुछ और न्यू जोन इण्डिया प्राईवेट लिमिटेड और टोरेंट पावर कंपनी का दावा सभी कार्य वैधानिक अनुमतियों के तहत, प्रभावित ग्रामीणों का मिल रहा सहयोग, बाहरी तत्व फैला रहे भ्रम दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा।

जमीनी हकीकत कुछ और, आरोपों की तस्वीर कुछ और न्यू जोन इण्डिया प्राईवेट लिमिटेड और टोरेंट पावर 

कंपनी का दावा सभी कार्य वैधानिक अनुमतियों के तहत, प्रभावित ग्रामीणों का मिल रहा सहयोग, बाहरी तत्व फैला रहे भ्रम

दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा।


अनूपपुर। न्यू जोन इंडिया परियोजना से जुड़ी गतिविधियों को लेकर हाल के दिनों में विभिन्न विज्ञप्तियों एवं शिकायतों के माध्यम से लगाए जा रहे आरोपों के बीच टोरेंट पावर ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति उन दावों से काफी अलग है, जिन्हें विभिन्न मंचों पर प्रस्तुत किया जा रहा है। कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि के अनुसार परियोजना क्षेत्र में किए जा रहे सभी कार्य शासन-प्रशासन, संबंधित विभागों तथा सक्षम प्राधिकारियों से प्राप्त अनुमतियों, सहमतियों और वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं।

कंपनी का कहना है कि परियोजना को लेकर कई प्रकार की भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिनसे वास्तविक तथ्यों पर अनावश्यक रूप से पर्दा पड़ रहा है। प्रतिनिधि के अनुसार विकास, रोजगार और क्षेत्रीय आधारभूत संरचना से जुड़े प्रयासों को गलत संदर्भों में प्रस्तुत कर जनसामान्य के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उपलब्ध अभिलेख और स्वीकृतियां वास्तविक स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।

कंपनी के अनुसार जिन खसरा क्रमांक 491, 493, 258, 264 एवं 279 का उल्लेख विभिन्न आरोपों में किया जा रहा है, उन भूमि खंडों पर कंपनी द्वारा कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि संबंधित खसरे उसकी फेंसिंग सीमा के बाहर स्थित हैं तथा वहां न तो कंपनी द्वारा किसी वृक्ष की कटाई कराई गई है और न ही किसी प्रकार की निर्माण गतिविधि संचालित की जा रही है। कंपनी का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना इन खसरों को परियोजना गतिविधियों से जोड़ना वास्तविक स्थिति का सही प्रतिनिधित्व नहीं करता।

गोहडरू नाला को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी कंपनी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। प्रतिनिधि के अनुसार गोहडरू नाला, जो सोन नदी की सहायक धारा है, पर कंपनी द्वारा किसी प्रकार का अवैध कार्य नहीं किया जा रहा है। जलापूर्ति एवं एनीकट निर्माण से संबंधित गतिविधियों के लिए सक्षम प्राधिकारियों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गई हैं और सभी कार्य निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप ही संपादित किए जा रहे हैं। कंपनी का कहना है कि पर्यावरणीय और तकनीकी मानकों का पालन उसकी कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा है।

वृक्षों की कटाई के संबंध में भी कंपनी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिन क्षेत्रों में नीलगिरी, बांस एवं छूला प्रजाति के वृक्षों की कटाई हुई है, वहां यह कार्य स्थानीय किसानों द्वारा ग्राम पंचायत से प्राप्त अनुमति के आधार पर किया गया है। ऐसे मामलों में कंपनी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। वहीं परियोजना से संबंधित आवश्यक वृक्ष कटाई के मामलों में संबंधित विभागों से विधिवत अनुमति प्राप्त करने के बाद ही कार्रवाई की गई है। कंपनी ने दोहराया कि बिना वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार की कार्रवाई उसकी नीति का हिस्सा नहीं है।

कंपनी प्रबंधन का कहना है कि परियोजना क्षेत्र के अनेक प्रभावित ग्रामीण विकास कार्यों में सहभागी हैं और कंपनी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और क्षेत्रीय विकास की संभावनाओं को देखते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण परियोजना के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। कंपनी और ग्रामीणों के बीच निरंतर संवाद की प्रक्रिया जारी है तथा स्थानीय सुझावों और आवश्यकताओं को भी महत्व दिया जा रहा है।

प्रतिनिधि ने कहा कि आश्चर्यजनक रूप से कुछ ऐसे लोग भी परियोजना को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं, जिनका न तो प्रभावित क्षेत्र से प्रत्यक्ष संबंध है और न ही स्थानीय हितधारकों से कोई सीधा सरोकार। कंपनी का मानना है कि ऐसे तत्व अपूर्ण तथ्यों और एकपक्षीय जानकारियों के आधार पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे वास्तविक हितधारकों की आवाज दब रही है। कंपनी ने कहा कि विकास परियोजनाओं पर चर्चा तथ्यों, दस्तावेजों और विधिक प्रक्रियाओं के आधार पर होनी चाहिए, न कि धारणाओं और अपुष्ट जानकारियों के आधार पर।

कंपनी का कहना है कि किसी भी बड़े विकास कार्य में प्रश्न और जिज्ञासाएं स्वाभाविक होती हैं, लेकिन उनका समाधान तथ्यात्मक और वैधानिक आधार पर ही होना चाहिए। बिना पर्याप्त प्रमाणों के लगाए गए आरोप न केवल जनसामान्य को गुमराह करते हैं, बल्कि क्षेत्र के विकास से जुड़े सकारात्मक प्रयासों को भी प्रभावित करते हैं। कंपनी ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अभिलेखों और तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा होने पर वास्तविक स्थिति स्वयं स्पष्ट हो जाएगी।

टोरेंट पावर ने पुनः दोहराया कि वह शासन, प्रशासन एवं सभी नियामक संस्थाओं के साथ पूर्ण पारदर्शिता और सहयोग की नीति पर कार्य कर रही है। कंपनी ने कहा कि उसके सभी कार्य कानूनी, पर्यावरणीय और सामाजिक मानकों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं तथा भविष्य में भी यही प्रतिबद्धता बनी रहेगी। कंपनी ने स्थानीय समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को दोहराते हुए कहा कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन स्थापित करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा तथा सभी गतिविधियां निर्धारित वैधानिक दायरे में ही संचालित होती रहेंगी।
जमीनी हकीकत कुछ और, आरोपों की तस्वीर कुछ और न्यू जोन इण्डिया प्राईवेट लिमिटेड और टोरेंट पावर कंपनी का दावा सभी कार्य वैधानिक अनुमतियों के तहत, प्रभावित ग्रामीणों का मिल रहा सहयोग, बाहरी तत्व फैला रहे भ्रम दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा। जमीनी हकीकत कुछ और, आरोपों की तस्वीर कुछ और न्यू जोन इण्डिया प्राईवेट लिमिटेड और टोरेंट पावर   कंपनी का दावा सभी कार्य वैधानिक अनुमतियों के तहत, प्रभावित ग्रामीणों का मिल रहा सहयोग, बाहरी तत्व फैला रहे भ्रम  दैनिक मधुर इंडिया संपादक प्रदीप मिश्रा। Reviewed by dainik madhur india on 9:46 PM Rating: 5

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